संस्कृति

इस दीपावली पर व्यंजनों में डालिए भारत के विभिन्न राज्यों का स्वाद

दीपावली अर्थात दीपों की आवली। दीपावली त्यौहार दीपों का त्यौहार है। यह हिंदुओं का सबसे खास त्यौहार है। दीपावली त्यौहार की न सिर्फ भारत में छुट्टी होती है बल्कि नेपाल, श्री लंका, जमैका, मॉरीशस, फ़िजी, गुयाना, मलेशिया, सिंगापुर, म्यांमार आदि देशों में भी इस दिन की शासकीय छुट्टी रहती है। भारत में इस पर्व को 5 दिन धनतेरस से भाई दूज तक मनाया जाता है।

ॐ असतो मा सद्गमय । तमसो मा ज्योतिर्गमय । मृत्योर्मा अमृतं गमय । ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः ॥
अर्थात – हम सभी को असत्य से सत्य की राह दिखाना, हम सभी को अज्ञानता से ज्ञान की और ले जाना, हम सभी को मृत्यु से अमरत्व तक ले चलना | ॐ शांति शांति शांति || यही संदेश देता है दीपावली का त्यौहार। यह त्यौहार अमावस्या की रात मनाया जाता है, क्योंकि हिन्दू धर्म के अनुसार इस दिन माता लक्ष्मी का जन्म हुआ था। इसीलिए दीपावली पर लोग धन की देवी लक्ष्मी जी की पूजा करते हैं और सुख व समृद्धि की कामना करते हैं।

बहुत पहले से लोग इस त्यौहार की तैयारियों में व्यस्त हो जाते हैं जैसे घर की साफ सफाई, घर का रंग रोगन, घर को फूलमाला, बंदरवार से सजाना, दीपों और विभिन्न प्रकार की रोशनी से घर को रोशन करना और सबसे महत्वपूर्ण जिसके लिए काफी पहले से तैयारी करते है, वो है तरह तरह के पकवान बनाना। दीपावाली त्यौहार खास बनता है इस पर्व पर बनाए जाने वाले मिष्ठान और पकवानों से। तो इस दिवाली को खास बनाने के लिए इस बार व्यंजनों को कुछ खास अंदाज़ में पेश करें। यहाँ भारत के अलग अलग राज्यों में बनने वाले पकवान बताए जा रहे हैं जिसे आप व्यंजनों में शामिल करके कुछ अलग कर सकते हैं और आपके परिजनों को भी यह अंदाज़ पसंद आएगा। तो आइये पकवानों में नए रंग भरते हैं, कुछ अलग करते हैं।

दीपावली के लिये व्यंजन – Diwali Recipes

1. पंजाबी खास रागी, खजूर और बादाम के लड्डू (Almond khajur ragi laddu)-
लड्डू का नाम सुनते ही मुंह में पानी आ जाता है। इसीलिए लड्डू भी दीपावली के विशेष व्यंजनों में शामिल है। पंजाब में लड्डू कई तरह से बनाए जाते हैं और लड्डू वहाँ का खास व्यंजन भी है। भारत में हर जगह अलग अलग प्रकार के लड्डू बनाए जाते हैं जैसे रवे के लड्डू, बेसन के लड्डू, बूंदी के लड्डू आदि लेकिन इस अवसर पर हम इस बार कुछ अलग लड्डू पेश कर रहें हैं। पंजाबी खास अमरन्थ, खजूर और बादाम की अच्छाई से भरा सेहतमंद लड्डू इस बार व्यंजनों की शान बढ़ाने के लिए हाजिर है।

रेसिपी –
लड्डू बनाने के लिए आवश्यक सामग्री –
1. अमरन्थ (राजगिरा या रागी) – 1/2 कप
2. खजूर – 1/2 कप (कटे हुए)
3. थोड़ी सी बादाम कटी हुई और थोड़ी पिसी हुई बादाम
4. चुटकी भर इलाईची पाउडर
5. नारियल का तेल – 1 छोटा चम्मच
लड्डू बनाने की विधि –
1. एक पैन में रागी और डेढ़ कप पानी डालें और उबालें। 10 मिनट के लिए इसे उबलने दें।
2. जब रागी हल्की पकी सी दिखने लगे तो इसमें खजूर मिलाएँ।
3. अब इसे अच्छी तरह से पक जाने दें। पकाने के लिए और पानी भी डाल सकते हैं।
4. जब रागी सॉफ्ट हो जाए, तब इलाईची पाउडर और तेल मिलाकर मद्धम आंच पर तबतक पकने दें जब तक सारा पानी सूख न जाए। अब इसमें कटी हुई और पिसी हुई दोनों तरह की बादाम मिला दें। अच्छे से मिक्स करके आंच बंद कर दें।
5. अब इस मिश्रण को ठंडा हो जाने के बाद इसके लड्डू बना लें। लड्डू बनाने के लिए हाथों पर थोड़ा सा तेल या घी लगा लें और सावधानी पूर्वक दोनों हाथों से गोल लड्डू बना लें। सजावट के लिए ऊपर से सूखे मेवे के टुकड़े भी बुरक सकते हैं।
नोट- मिठास बढ़ाने के लिए शहद या शक्कर (स्वादानुसार) मिश्रण में मिला सकते हैं।

2. बंगाली सुपर हिट संदेश (Dry fruits sandesh) –
संदेश बंगाल की जानी मानी मिठाई है। यह भारतीय उपमहाद्वीप के पूर्वी भाग में बंगाल क्षेत्र से आई है, लेकिन दूसरे राज्यों में भी यह पसंद की जाती है। इसे दूध या पनीर के साथ बनाया जाता है। वैसे दिवाली के त्यौहार पर ज़्यादातर लोग बंगाली मिठाइयाँ पसंद करते हैं। तो इस बार घर पर ही फटाफट बंगाल की सबसे खास मिठाई संदेश बनाते हैं।

रेसिपी –
ड्राई फ्रूट्स संदेश बनाने के लिए आवश्यक सामग्री –
पनीर – 300 ग्राम
खोया (किसा हुआ) – 1 कप
इलाईची (कुटी हुई ) – 8
बादाम (कटी हुई) – 8-10
काजू (कटी हुई) – 8-10
शक्कर – 12 बड़े चम्मच (लगभग 180 ग्राम)
विधि –
पनीर, खोया और शक्कर को पीस लें। अब इसमें इलाईची मिला लें और इसे लगभग 1/2 इंच मोटी परत में फेला लें। अब इसे फ्रिज में सेट होने रख दें। इसके बाद इसे मनपसंद आकार में काट लें और व्यंजनों की थाली में सजा दें।

3. गुजराती मेथी गोटा (Methi na gota)-

भारत में विभिन्न जगहों पर विभिन्न प्रकार के पकोड़े बनाए जाते हैं। हर जगह पकोड़े का स्वाद और अंदाज़ बदल जाता है। गुजरात के मेथी न गोटा जिसे डाकोर न गोटा भी कहा जाता है। गोटा गुजरात के खास पकवानों में से एक है। गुजरात में होली के त्यौहार का यह पारंपरिक व्यंजन है। फटाफट बन जाने वाला यह स्वादिष्ट पकवान आपके व्यंजनो के ज़ायके को बढ़ाने में मदद करेगा।

रेसिपी –
गोटा बनाने के लिए आवश्यक सामग्री –
मेथी की पत्तियाँ ( धोकर कटी हुई ) – ½ कप
बेसन – 1 कप
पानी – ⅔ कप
शक्कर – 1 छोटा चम्मच
हरी मिर्ची (बारिक कटी हुई) – 4
काली मिर्ची (खड़ी हल्की कुटी हुई) – 10
धनिया (खड़ा हल्का कुटा हुआ) – 1 छोटा चम्मच
अजवाइन – ½ छोटा चम्मच
हिंग – ¼ छोटा चम्मच
चुटकी भर बेकिंग सोडा
तेल – 1 बढ़ा चम्मच
तेल तलने के लिए भी अलग से
नमक स्वादानुसार
गोटा बनाने की विधि –
1. एक कटोरे में पानी और एक बढ़ा चम्मच तेल डालें और अच्छे से मिला लें। अब इसमें शक्कर, बेकिंग सोडा, नमक, हिंग, काली मिर्च, धनिया, अजवाइन और हरी मिर्च डालकर मिला लें।
2. अब इसमें कटी हुई मेथी की पत्तियाँ मिला दें। इसके बाद इसमें बेसन मिलाएँ और अच्छी तरह से गाढ़ा घोल बनाएँ।
3. अब कढ़ाई में तलने के लिए तेल गरम करें। घोल की छोटी छोटी बोल को तलें। तलने पर पकोड़े फूल जाते हैं तो कढ़ाई में बहुत सारी बोल्स एक साथ न डालें। इन्हें सुनहरा भूरा होने तक तलें।
सभी पकोड़ों को पेपर टॉवल पर निकाल कर रख दें ताकि इसका तेल सूख जाये। गरमा गरम पकोड़े तैयार हैं।

4. मराठी हिट चॉको मोदक (Choco Modak)-
महाराष्ट्र में गणेश चतुर्थी के त्यौहार पर मोदक बनाए जाते हैं। केवल महाराष्ट्र में ही नहीं बल्कि भारत में रह रहे सभी मराठियों के लिए यह त्यौहार बहुत खास होता है और इस खास पर्व पर वे मोदक बनाते है। अब मोदक सभी दूर प्रसिद्ध है। प्रदेश कोई भी हो मोदक के नए और निराले रूप मिठाइयों की दुकान पर आपका मन खींच ही लेंगे जैसे ड्राइ फ्रूट मोदक, केसर पिस्ता मोदक, मलाई मोदक, रवा मोदक आदि। बच्चों को खास पसंद आने वाला चॉको मोदक (चॉक्लेट से बना) भी बहुत लोकप्रिय है। तो इस बार दीपावली पर मराठी अंदाज़ में बच्चों के लिए भी कुछ खास बनाएँ।

रेसिपी –
मोदक बनाने के लिए आवश्यक सामग्री –
किसा हुआ मावा – 150 से 160 ग्राम
कोको पाउडर – 35 ग्राम
शक्कर – 1 कप
घी – 15 ग्राम
मोदक बनाने की विधि –
1. कम आंच पर पैन रखें और शक्कर व मावे को मिलाकर गाढ़ा होने तक पकाएँ।
2. जब मिश्रण अच्छी तरह से गाढ़ा हो जाए तो इसमें घी डाल कर मिलाएँ।
3. मिश्रण जब बर्तन से अलग होने लगे तब इसमें कोको पाउडर मिलाएँ और इसे तब तक चलाएं जब तक यह अच्छी तरह से मिल न जाए। अब आंच बंद कर इसे ठंडा होने दें।
4. मिश्रण को अच्छे से सान जरूर लें। इस समय मिश्रण चिपचिपा नहीं होना चाहिए।
5. मिश्रण के मोदक बनाने के लिए मोदक बनाने वाले साँचे में घी चुपड़े। अब मिश्रण को इसमें भर दें और साँचे को ज़ोर से दबा दें।
6. साँचे को खोलकर मोदक निकालें। आपके स्वादिष्ट चॉको मोदक तैयार हैं।

5. उत्तर प्रदेश के बेड़मी (Bedmi)-
उत्तर प्रदेश में हर किसी की पसंद बेड़मी एक प्रकार की पूरी होती है जिसे यहाँ के लोग आलू की सब्ज़ी के साथ खाते हैं। दीपावली है तो ज़ाहिर है मेहमान भी आएंगे ही। इस पर्व पर उन्हें उत्तर प्रदेश का नमकीन स्वाद भी चखाएँ।

रेसिपी –
बेड़मी बनाने के लिए आवश्यक सामग्री –
गेहूँ का आटा – 1.5 कप
धुली उड़द दाल – आधा कप
कटी हुई हरी मिर्च – 2
अदरक – 1 इंच
धनिया पाउडर – आधा छोटा चम्मच
लाल मिर्च पाउडर – 1/4 छोटा चम्मच
अमचूर पाउडर – आधा छोटा चम्मच
सौंफ पाउडर – 2 ग्राम
हिंग – एक चुटकी
तेल – 1/8 कप
तेल – तलने के लिए
नमक स्वादानुसार
बेड़मी बनाने की विधि –
1. उड़द दाल को धोकर 8 घंटे तक गला दें। अब पानी से निकालकर इसे हरी मिर्च और अदरक के साथ पीसकर पेस्ट बना लें।
2. अब एक कटोरे में पेस्ट निकाल लें और इसमें गेहूँ का आटा, तेल, नमक, सौंफ पाउडर, धनिया पाउडर, लाल मिर्च, अमचूर और हिंग डालकर अच्छे से मिला लें।
3. अब इसमें पानी मिलाकर आटा गूँथ लें।
4. एक कढ़ाई में तलने के लिए तेल गरम करें और आटे की गोली बेल कर इसकी पूरियाँ बना लें।
गरमा गर्म पूरियाँ सब्जी या अचार के साथ परोसें।

6. मध्य प्रदेश पसंदी पालक पूरी (Palak Puri)-
भारत के मध्य में स्थित यह राज्य वैसे तो दाल बाफलों, पोहे जलेबी आदि पकवानों के लिए जाना जाता है। लेकिन यहाँ के लोग पूरियों को भी नए नए अंदाज़ में खाना पसंद करते हैं। पालक पूरी गेहूं, मैदा और पालक मिलाकर बनाई जाती है। इसे भी लोग कई तरह से बनाते हैं। दिवाली के इस खास अवसर पर पेश है नमकीन पालक पूरी।

रेसिपी –
पालक पूरी बनाने के लिए आवश्यक सामग्री –
गेहूँ का आटा – 3 कप
मैदा – 1 कप
पालक – 400 ग्राम
कटा हुआ अदरक – 2 छोटे चम्मच
हरी मिर्च – 3 से 4
भुना जीरा पाउडर – 1 छोटा चम्मच
तेल तलने के लिए
नमक स्वादानुसार
पालक पूरी बनाने की विधि –
1. पालक को धो लें। इसके बाद कढ़ाई में पानी गरम करें।
2. जब पानी गरम हो जाए तो इसमें पालक डालकर एक मिनट तक पकाएँ। अब पालक को निकालकर ठंडे पानी में धो लें।
3. अतिरिक्त पानी निकाल कर पालक को अदरक, हरी मिर्च के साथ मिक्सर में पीस लें और पेस्ट बना लें।
4. अब एक कटोरे में पेस्ट निकाल लें और इसमें गेहूँ का आटा, मैदा, भुना जीरा पाउडर और नमक डालकर अच्छे से मिला लें।
5. अब इसका आटा गूँथ लें और इसे 15 मिनट तक एसे ही रख दें।
6. कढ़ाई में तलने के लिए तेल गर्म करें और आटे की गोली बेल कर इसकी पूरियाँ बना लें।
इसे सब्ज़ी, चटनी या अचार के साथ परोसें।

7. राजस्थान का कलमीवड़ा (kalmivada)-
कलमीवड़ा राजस्थान का लोकप्रिय नाश्ता है। ऊपर से कुरकुरा और अंदर से नरम यह व्यंजन स्वादिष्ट भी है और बनाने में भी आसान है। लगभग दक्षिण भारत का मसाला वड़ई जैसा यह नाश्ता आपकी थाली में राजस्थानी मिजाज़ घोल देगा। इस पर्व पर इसे ज़रूर ट्राय करें।

रेसिपी-
कलमीवड़ा बनाने के लिए आवश्यक सामग्री –
चना दाल – 1 कप
प्याज़ – 2
लाल मिर्च पाउडर – 1 छोटा चम्मच
जीरा – लगभग 8 ग्राम
लहसुन की कली (कुटी हुई) – 12
धनिया पत्ती बारिक कटी हुई
हरी मिर्च – 2
तेल (तलने के लिए)
नमक (स्वादानुसार)
कलमीवड़ा बनाने की विधि –
1. चना दाल को धोकर रात भर के लिए भिगो कर रख दें। फिर चने को पानी में से निकालकर मिक्सर में पीस कर गाढ़ा घोल तैयार कर लें।
2. अब एक कटोरे में दाल को निकाल लें और इसमें प्याज़, हरी मिर्ची, लहसुन, धनिया पत्ती, जीरा, लाल मिर्च पाउडर और नमक मिलाएँ।
3. सारी सामग्री मिलाकर मुलायम आटा बना लें। अब कढ़ाई में तलने के लिए तेल गरम करें और आटे की छोटी बोल्स ( या फिंगर शेप में भी बना सकते हैं) बना कर तल लें। सुनहरा भूरा होने तक इसे तलें।
अब इसे टिशू पेपर पर निकाल लें। इसके बाद गरमा गरम कलमी वड़े चटनी के साथ परोसें।

8. दक्षिण भारत की मसाला खारी बूंदी (Kara Boondi) –
दीपावली त्यौहार में पकवानों की भरमार रहती है लेकिन चीवड़ा या मिक्सचर के बिना व्यंजनों की थाल अधूरी हो जाती है। तो चलते हैं दक्षिण भारत की तरफ। दक्षिण भारत का खास चीवड़ा (मिक्सचर) जो साधारण मिक्सचर का नया रूप है। इसमें बूंदी, कढ़ी पत्ता, मूँगफली, काजू और कई मसाले मिलाकर मिक्सचर बनाया जाता है। बनाने में यह बहुत आसान है। इसे शाम के नाश्ते में भी जोड़ा जा सकता है।

रेसिपी –
मसाला खारी बूंदी बनाने के लिए आवश्यक सामग्री –
बेसन – 1 कप
चावल का आटा – 30 ग्राम
काजू और मूँगफली मिक्सचर में मिलाने के लिए (जरूरत के हिसाब से)
कश्मीरी लाल मिर्च – ¼ छोटा चम्मच
बेकिंग सोडा – ¼ छोटा चम्मच (4 ग्राम)
हल्दी – ¼ छोटा चम्मच
चुटकी भर हिंग
पानी (जरूरत के हिसाब से)
तेल तलने के लिए
नमक स्वादानुसार
मसाला खारी बूंदी बनाने की विधि –
1. बड़े कटोरे में बेसन और चावल का आटा मिलाकर इसमें नमक, हल्दी, लाल मिर्ची पाउडर, हिंग और बेकिंग सोडा डालें और अच्छे से मिला लें।
2. अब इस मिश्रण में पानी मिलाकर गाढ़ा घोल तैयार कर लें।
3. कांछेदार चम्मच (झरिया) को तेल गर्म हो रहे बर्तन के ऊपर ले जाएँ और इस पर घोल डालें ताकि वह बूंदी के आकार में तला जाये।
4. इसे सुनहरी और कुरकुरी होने तक तलें और झट से टिशू पेपर पर निकाल लें।
5. अब एक कढ़ाई में थोड़े से तेल में कढ़ी पत्ता भून लें और इसमें काजू और सिकी मूँगफली डाल कर अच्छे से भून लें।
6. इसके बाद बूंदी में इस तड़के को डालें और सभी मसाले डालकर अच्छे से मिला लें।
मसाला बूंदी तैयार है।

9. उत्तर भारत की खास केसर पिस्ता फिरनी (Kesar pista firni)-
त्यौहार कोई सा भी हो, फिरनी हर त्यौहार पर जंचती है। चावल और दूध मिलाकर बनाई गयी फिरनी बहुत स्वादिश मिठाई है। यह उत्तर भारत के खास ज़ायकों में से एक है।

रेसिपी-
फिरनी बनाने के लिए आवश्यक सामग्री –
फुल क्रीम दूध – ढाई लीटर
चावल – 1/2 कप
शक्कर – 1 कप
केसर – 1/2 ग्राम
पिस्ता – 120 ग्राम
इलाईची पाउडर – 1 छोटा चम्मच
गुलाब जल – 1 चम्मच
फिरनी बनाने की विधि –
1. चावल को अच्छी तरह से धोने के बाद इसे डेढ़ घंटे के लिए सुखाने रख दें और केसर को उबाल कर अलग रख दें साथ ही पिस्ता छील कर छोटे छोटे टुकड़ों में काट लें।
2. मोटी तली वाले बर्तन में दूध गर्म करें और इसे अलग रख दें। अब चावल को अच्छी तरह से सुखा देने के बाद इसे ग्राइंडर में पीस लें।
3. अब पिसे हुए चावल का पेस्ट दूध में अच्छी तरह से मिला दें और पकने दें। लगातार चलाते रहें ताकि बुलबुले न हो और ध्यान रहे की पेस्ट जले न और न ही तली पर चिपके।
4. अब इसमें शक्कर डालकर मिलाएँ। फिर इलाईची पाउडर, केसर डालकर मिला लें। इसमें गुलाब जल मिला दें। जब मिश्रण गाढ़ा होने लगे तो इसे आंच से हटा दें।
5. अब इसे सूखे मिट्टी के बर्तन (कुल्हड़) में डालकर फ्रिज में 1 से 1 ½ घंटा रख दें।
ठंडी फिरनी तैयार है।

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